EXCLUSIVE UPDATE: Pradhan Mantri Awas Yojana Urban नये बदलाव के साथ सम्पूर्ण जानकारी

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Pradhan Mantri Awas Yojana Urban

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शहरी 2024 भारत में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब लोगों को आवास प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि 2024तक देश के सभी नागरिकों को शहरी क्षेत्रों में पक्के और स्वयं का घर प्रदान किया जाए। यह योजना लागू होते हुए आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों को आवास प्रदान करने का एक प्रयास है।

PMAY शहरी योजना का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को अच्छे और सुरक्षित आवास प्रदान करना है। इसके तहत, लोगों को सब्सिडाइज्ड ऋण और सब्सिडी उपयोग करने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत, गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे कि वे स्वयं के मकान में जीवन बिता सकें।

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इस योजना के अंतर्गत, निम्नलिखित शहरों की सूची में शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश

बिहार

महाराष्ट्र

गुजरात

कर्नाटक

तमिलनाडु

अंध्र प्रदेश

राजस्थान

मध्य प्रदेश

ओडिशा

यह योजना एक ऐसी पहल है जो भारतीय समाज के सबसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

योजना के लिए पात्रता में अविवाहित बच्चों को शामिल करना, कम आय वाले परिवारों को सहायता और बेघर होना शामिल है। यह एक बड़ा कदम है जो गरीबी को कम करने और लोगों को अधिक सुरक्षित और अच्छा आवास प्रदान करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रहा है। आपके प्रस्ताव एवं निर्देशानुसार यह योजना समाज के उत्थान हेतु महत्वपूर्ण एवं आवश्यक है।

यहाँ कुछ मुख्य तथ्य प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में हैं:

लक्ष्य: केन्द्र सरकार का लक्ष्य है कि 2022 तक 4 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण किया जाए।

सब्सिडी: EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) ग्रुप के लोगों को 60 sqm कारपेट एरिया तक के घर खरीदने पर सब्सिडी उपलब्ध है।

ऋण: EWS और LIG ग्रुप के लिए 6 लाख तक का ऋण 20 साल की अवधि के लिए उपलब्ध है, जिस पर 6.50 प्रतिशत यानी 2.67 लाख की सब्सिडी भी दी जाएगी।

ब्याज सब्सिडी: एमआईजी 1 और एमआईजी 2 ग्रुप के लिए 20 साल के ऋण पर 4 फीसदी और 3 फीसदी की ब्याज सब्सिडी उपलब्ध है।

कारपेट एरिया: EWS और LIG 2 आय ग्रुप के लिए अधिकतम 160 sqm और 200 sqm कारपेट एरिया वाले घरों पर सब्सिडी उपलब्ध है।

यह सभी उपयोगी तथ्य हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की उपलब्धता और लाभों के बारे में बताते हैं।

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प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विभिन्न राज्यों और उनके शहरों या कस्बों में घरों की संख्या निम्नलिखित है:

राजस्थान – 1000 शहर / कस्बे

छत्तीसगढ़ – 1000 शहर / कस्बे

हरियाणा – 38 शहरों और कस्बों में 53,290 घर

गुजरात – 45 शहरों और कस्बों में 15,584 घर

उड़ीसा – 26 शहरों और कस्बों में 5,133 घर

महाराष्ट्र – 13 शहरों और कस्बों में 12,123 घर

केरल – 52 शहरों में 9,461 घर

कर्नाटक – 95 शहरों में 32,656 घर

तमिलनाडु – 65 शहरों और कस्बों में 40,623 घर

जम्मू और कश्मीर – 19 शहर / कस्बे

झारखंड – 15 शहर / कस्बे

मध्य प्रदेश – 74 शहर / कस्बे

उत्तराखंड – 57 शहरों और कस्बों में 6,226 घर

ये आंकड़े दिखाते हैं कि विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास के निर्माण के लिए कितने शहरों या कस्बों को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लाभ प्राप्त करने वाले राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़, झारखण्ड, उड़ीसा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। ये राज्य इस योजना के तहत बहुत सारे घरों के निर्माण का लाभ उठा रहे हैं।

सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिक निवेश की घोषणा के साथ, लाखों नए घरों के निर्माण का काम तेजी से जारी है। इससे न केवल लोगों को अपना घर मिलेगा, बल्कि नौकरियों की भी सृजना होगी और उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इससे अर्थव्यवस्था में सुधार होगा और देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टैटिस्टिक्स निम्नलिखित हैं:

मंजूर किए गए घर: 111.03 लाख

निर्माण के लिए तैयार: 77.15 लाख

पूर्ण घर: 45.01 लाख

केंद्रीय सहायता का वादा: 1.8 लाख करोड़

केंद्रीय सहायता जारी: 93433 करोड़

कुल निवेश: 7.16 लाख करोड़

इसके अलावा, नीचे प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तृत सूची दी गई है:

EWS: अधिकतम होम लोन राशि रु. 3 लाख तक, ब्याज़ सब्सिडी 6.50%, अधिकतम कारपेट एरिया 30 Sq. m.

LIG: अधिकतम होम लोन राशि रू 3-6 लाख, ब्याज़ सब्सिडी 6.50%, अधिकतम कारपेट एरिया 60 Sq. m.

MIG I: अधिकतम होम लोन राशि 6-12 लाख रू, ब्याज़ सब्सिडी 4.00%, अधिकतम कारपेट एरिया 160 Sq. m.

MIG II: अधिकतम होम लोन राशि रू 12-18 लाख, ब्याज़ सब्सिडी 3.00%, अधिकतम कारपेट एरिया 200 Sq. m.

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी निम्नलिखित हो सकते हैं:

मध्यम वर्ग 1

मध्यम वर्ग 2

अनुसूचित जाति

अनुसूचित जनजाति

कम आय वाले लोग

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग

महिलाएं किसी भी जाति या धर्म की

शहरी आवास योजना 2024 की विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

योजना के अंतर्गत 1 करोड़ आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए जगह को 20 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर किया जाएगा, जिसमें रसोई हेतु क्षेत्र भी शामिल होगा।

मैदानी क्षेत्रों में इकाई सहायता 1.20 लाख रुपये है और पर्वतीय क्षेत्रों में इकाई सहायता 1.30 लाख रुपये है।

योजना की कुल लागत 1,30,075 करोड़ रुपये है जो केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा 60:40 के अनुपात में वहन की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के परिवार का निर्धारण SECC 2011 के आकड़ों के आधार पर किया जाएगा।

किसी राज्य में दुर्गम क्षेत्र का वर्गीकरण राज्य सरकारों को करना होगा।

हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, और उत्तराखंड को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

यहाँ प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का विवरण दिया गया है। इसके अनुसार:

पहले, आवेदक को प्रधानमंत्री शहरी योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा। वहाँ वे “citizen assessment” ऑप्शन पर क्लिक करेंगे।

“citizen assessment” पर क्लिक करने के बाद, उन्हें “Apply Online” ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

अब उनके सामने एक पेज खुलकर आएगा जिसमें “Slum Dwellers” और “Benefits under 3 components” दो विकल्प होंगे। वह अपनी पात्रता के अनुसार इन विकल्पों में से एक को चुनें।

उन्हें अपनी पात्रता के अनुसार विकल्प पर क्लिक करके प्रधानमंत्री आवास योजना के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

फॉर्म में सर्वप्रथम आधार नंबर भरें और आधार कार्ड के अनुसार नाम को अंकित करें। इसके बाद “चेक” विकल्प पर क्लिक करें।

अब उनके सामने फॉर्म खुलकर आ जाएगा, जिसे वे भर सकते हैं।

 

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